यातायात की समस्या व निदान । Traffic problem and solution Hindi

    सड़क यातायात पर निबंध / Essay on Road Traffic in Hindi

मनुष्य सड़कों का उपयोग लंबे समय से करता रहा है । पुरानी सड़कें अच्छी नहीं होती थीं । वे प्राय: कच्ची सड़कें होती थीं जिन पर बरसात के दिनों में आवागमन संभव नहीं हो पाता था । आधुनिक काल की सड़कें अच्छी होती हैं । ये पत्थरों, रोडियों तथा अलकतरे की बनी होती हैं अथवा कंक्रीट की बनी सीमेन्टिड होती हैं । पक्की सड़कें टिकाऊ होती हैं तथा इन पर जल का जमाव नहीं होता है । इन सड़कों पर यातायात सरल हो जाता है । सड़कों पर होने वाले यातायात का जनता के लिए बहुत महत्त्व है सड़क यातायात सुचारू रूप से हो सके इसके लिए कानून बनाए गए हैं । भारत में सड़क की बाई ओर चलने का नियम है । सड़कों पर भारी वाहनों को एक निर्धारित गति सीमा तक ही चलाया जा सकता है । चौराहों पर संकेतक बत्तियाँ लगाई जाती हैं ताकि सड़क जाम तथा दुर्घटना जैसी स्थितियों का कम से कम सामना करना पड़े । जहाँ ट्रैफिक लाइटें नहीं होती हैं वहाँ यातायात पुलिस हाथ के इशारे से यात्रियों को रुकने या जाने का संकेत करती हैं ।

पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए भूमिगत पार पथ तथा फुटपाथ बनाए जाते हैं । जेब्रा क्रार्सिंग बनाई जाती हैं ताकि पैदल यात्री आरामदायक ढंग से सड़क पार कर सकें । शहरों में जहाँ यातायात अधिक होता है, आने और जाने के लिए अलग लेन वाली सड़कों का निर्माण किया गया है । सडकों पर अधिक रोशनी देनेवाली लाइटें लगाई गई हैं ताकि रात के समय यातायात में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो ।

सड़क यातायात का हर जगह महत्त्व है । ग्रामीण क्षेत्रों के लोग सड़कों द्वारा निकटवर्ती शहरों से संपर्क स्थापित करते हैं । किसान अनाज, गन्ना तथा सब्जियाँ गाड़ियों पर लादकर सड़क मार्ग से शहरों की मंडियों तक यात्रा करते हैं । ग्रामीण सड़क मार्ग से निकटवर्ती शहरों में काम- धंधा करने जाते हैं । वे खाने-पीने और व्यापार की वस्तुएँ विभिन्न प्रकार के वाहनों में लादकर ढोते हैं । ग्रामीण सड़कें स्थानीय आवश्यकताओं को पूरा करने में बहुत मदद करती हैं । लेकिन यहाँ की सड़कों पर यातायात कम होता है इसलिए ये छोटी होती हैं तथा इनकी गुणवत्ता पर अधिक ध्यान नहीं दिया जाता ।

शहरों का परिदृश्य अलग होता है । यहाँ की सड़कें हमेशा व्यस्त रहती हैं । इन पर साइकिल, रिक्शा, कार, स्कूटर, मोटरसाइकिल, तिपहिया वाहन, बस, ट्रक आदि रात-दिन चलते रहते हैं । अनेक स्थानों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति होती है । स्थानीय बसें अधिक संख्या में चलती हैं ताकि लोग अपने कार्यस्थल तक पहुँच सकें और वापस घर लौट सकें । लोग अपने निजी काम से भी वाहनों पर यात्रा करते हैं । सड़क यातायात का व्यापार की दृष्टि से भी बहुत महत्त्व होता है । लोग तरह-तरह के वाहनों पर व्यापारिक वस्तुएँ लादकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाते हैं । इस कार्य में ट्रकों, ट्रालियों तथा अन्य प्रकार कै छोटे वाहनों का प्रयोग होता है । कोई सब्जी लाद कर ले जा रहा है तो कोई अनाज किसी की शीतल पय की बोतलें पहुँचाने की जल्दी है, किसी को रेलवे स्टेशन तक कॉर्टून पहुँचाने हें तो किसी की फल मंडी तक ले जाना है ।

सड़क यातायात मैं राजमार्गो ( हाईवेज )  का भी अति महत्वपूर्ण योगदान है । ये राजमार्ग देश के प्रमुख शहरों का जोड़ने का कार्य करते हैं । सबसे लंबा राजमार्ग किसी समय शेरशाह सूरी ने बनवाया था जो कोलकाता और पेशावर को आपस में जोड़ता था । आज इसे ग्रैंड ट्रंक रोड के नाम से जाना जाता है ।भारत में इसी तरह के कई लंबे-चौड़े राजमार्ग बने हैं जिन पर बहुत यातायात होता है । इनका प्रयोग आवागमन और भारवहन दोनों के लिए होता है । यहाँ वाहन तीव्र गति से दौड़ाए जा सकते हैं । इन मार्गों से होकर ट्रकों द्वारा विभिन्न प्रकार की वस्तुएँ एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाई जाती हैं। यदि किसी वस्तु का एक जगह अभाव हो तो वह वस्तु दूरस्थ स्थानों से मँगवाई जाती है । यदि किसी स्थान पर किसी वस्तु की अधिकता हो तो उसे अन्य स्थानों पर भेजा जा सकता है । यदि सड़क यातायात की उचित व्यवस्था न होती तो लोगों को अनेक प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता ।

व्यापार और उद्‌योगों के विकास में सड़क यातायात का उल्लेखनीय योगदान है । स्थानीय व्यापारी दूरस्थ स्थानों से माल मँगवाकर अपने यहाँ बेचते हैं । उनका माल या तो सड़क मार्ग से आता है या रेल मार्ग से । रेलमार्ग सभी स्थानों पर नहीं हैं परंतु सड़कों का फैलाव सभी स्थानों पर है ।

अत : सुविधानुसार रेल मार्ग और सड़क मार्ग दोनों का प्रयोग किया जाता है । आँकड़े बताते हैं कि कुल माल दुलाई के दो तिहाई से अधिक का बोझ सड़कें ही उठाती हैं ।अत: जरूरी है कि सड़कों को सही हालत में रखा जाए । सड़कें अच्छी बनाई जाएँ तथा उनका उचित रखरखाव हो । कम चौड़ी सड़कों को चौड़ा किया जाए । इस दिशा में आजकल अच्छे प्रयास हो रहे हैं । इस प्रयास में गति लाने की आवश्यकता है ।

सड़क यातायात के अवरोधों को दूर कर लिया जाए तो देश की आर्थिक प्रगति में और गति आएगी । सड़कों पर यातायात सामान्य रूप से हो सके इसके लिए ट्रैफिक जाम की समस्या पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है । अति व्यस्त सड़कों पर फ्लाई ओवर बनाकर तथा यातायात की वैकल्पिक व्यवस्था कर इस समस्या को दूर किया जा सकता है ।

यातायात के प्रमुख साधन-

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है । नए-नए संबंध स्थापित करना, देशाटन पर जाना, नवीनतम की खोज करना आदि की प्रवृत्ति उसमें सदैव से ही रही है । उसकी इन्हीं इच्छाओं व आकांक्षाओं ने विश्व में असंभव लगने वाले अनेक कार्यों को संभव कर दिखाया है ।

यातायात के नवीनतम साधन किसी आश्चर्य से कम नहीं हैं जिनके माध्यम से आज मनुष्य महीनों तथा वर्षों में तय की जाने वाली दूरी को कुछ ही घंटों या दिनों में पूरा कर लेता है ।

आदिकाल में मनुष्य के पास यातायात के साधन नहीं थे । परंतु धीरे-धीरे सभ्यता के विकास के साथ उसे आवागमन के कुछ आसान उपायों की आवश्यकता महसूस हुई। उसकी इन्हीं आवश्यकताओं ने उसे आवागमन के लिए पशुओं का उपयोग करना सिखाया ।

उसने समय और स्थान के साथ घोड़ों, हाथियों, ऊँटों आदि का प्रयोग किया। घोड़े तथा ऊँट तो आज भी मनुष्य के अनेक कार्यो में प्रयोग किए जाते हैं । गाँवों में जहाँ कच्ची सड़कें व पगडंडियाँ हैं वहाँ आज भी घोड़ों व बैलों आदि का प्रयोग होता है।

कालांतर में विज्ञान के माध्यम से मनुष्य ने यातायात के लिए अनुपम साधनों की खोज की जिसने आवागमन को अप्रत्याशित रूप से सरल व सुगम बना दिया है । यातायात के आधुनिकतम साधनों ने विश्व की सीमाओं को अति सीमित कर दिया है। रेलगाड़ी, मोटरकार, बस, हवाई जहाज आदि के माध्यम से बहुत कम समय में ही लंबी दूरी तय की जा सकती है ।

भाप के इंजन के आविष्कार ने यातायात के क्षेत्र में एक क्रांति ला दी थी । आज रेलगाड़ी के द्‌वारा हजारों लोग एक समय में ही एक स्थान से दूसरे स्थान की यात्रा करते हैं । भाप तथा डीजल के इंजन के अतिरिक्त आज अनेकों विद्‌युतचालित रेलगाड़ियाँ हैं । जापान जैसे विकसित देशों में तो ऐसी भी रेलगाड़ियाँ उपलब्ध हैं जिनकी गति 200 किमी॰ प्रति घंटा से भी अधिक है ।

गति के साथ-साथ इन गाड़ियों में वातानुकूलित डिब्बे व खान-पान जैसी सभी सुख-सुविधाएँ उपलब्ध होती हैं । बस की यात्रा भी कुछ इसी प्रकार है । आज के युग में बसों व रेलगाड़ियों में यात्रा करना प्राचीनकाल की तुलना में सुरक्षा से परिपूर्ण है । अब यात्रा में पूर्व की भाँति भय वाली बात नहीं रह गई है ।

 

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