बी.टेक नाम नहीं एक ब्रांड है | B.tech is not a name, It’s a brand.

बी.टेक नाम नहीं एक ब्रांड है अगर बी.टेक आई.आई.टी से किया हो तो आप MNC मतलब बहुराष्ट्रीय कंपनी (multinational company)की तरफ से हो और स्टेट गवर्मेट वाले टेक्निकल यूनिवर्सिटी से किया हो तो आप प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरफ से हो अगर आप प्राइवेट कॉलेज से बी.टेक किया हो तो लक्ष्मी नगर मे खुले एक कमरे वाले कंपनी की तरह से जिस हम बोल -चाल की भाषा में लाला छाप कहते हैं।
जो लोग कहते है अगर बी.टेक करना  है तो आई.आई.टी से करो नहीं तो सब बेकार है उन्हें कौन समझाये की हर कोई सुंदर पिचाई और बिन्नी बंसल नहीं होता। नॉन IITians का  मशीहा है तो शर्मा जी का लड़का है। उसने सबके दिल जीत लिया । ई-वॉलेट बना कर लड़के ने क्या नोयडा में ऑलीशान बिल्डिंग बनवाया। इनके बॉप भी चाहते थे की मेरा लड़का भी मेरी तरह से रुटीन जॉब करे जिंदगी काट ले।
लेकिन शर्मा जी का लौंडा जिंदगी में कुछ अलग करना चाहता था और लड़के ने किया।
एक मेरे मॉ-बॉप तो उतने परेशान नही हैं जितने गॉव के चाचा -चाची और मौहल्ले की चाचियाँ और दूर के चाचा का लड़का इन्होंने तो मेरी जिन्दगी में चरस बो के रख दिया था। जब भी पापा जॉब से आते तो मालूम चलता था की किसी रिस्तेदार का लड़का बी.टेक कैम्पस प्लेसमेंट में 8 लाख का पैकेज पर चला गया तो किसी के बेटे ने तो अपना सारा एटीएम बॉप को देकर चला गया हैं।

जिन्दगी में मुसीबत कम थी की क्या की दिल्ली आने के बाद हमें भी किसी की जरूरत महसूस होने लगी थी,खासकर मेट्रो में लोगों का प्यार देखकर। फिर दिल को संभाला और याद किया चार साल ६ लाख रुपया पिता जी का साथ में शर्मा अंकल को और वह चार लोग को तुम्हारी ज़िंदगी हमेशा झंड करने में लगे रहते हैं। किसी तरह से किसी दिल्ली वाली महिला मित्र से दोस्ती हुए जॉब के समय ,यहाँ महिला मित्र का तातपर्य केवल मित्रता से हैं आप इसे  प्रेमिका और इंग्लिश में कहे तो गर्लफ्रेंड से ना ले। एक दिन उन्होंने पूछ लिया हमसे “आपने क्या किया हैं ?” हम भी सीना चौड़ा करके बोल दिए बी.टेक किया हूँ कंप्यूटर साइंस में. हसने लगी …. “बोली की लगता नही हो की तुमने इंजीनियरिंग की है”। क्योंकि इंजिनियर्स की सैलरी बहुत ज्यादा  होती है।
कॉलेज कैंपस प्लेसमेंट (college campus placement) में तब इतना दर्द नहीं हुआ जब हम दिल्ली आये तब हुआ, जब हमने देखा की कड़ी धुप में  लक्ष्मीनगर के झोला छाप कम्पनी मैं लाइन लगी हुयी हैं वह भी पांच हज़ार रुपये के नौकरी के लिए सॉफ्टवेयर इंजीनियर के नाम पर , बस सकून इस बात का था की कंपनी अपने फील्ड की थी। सोचा कोई नहीं फिर जैसे अंदर गए तब मालूम चला की यह तो एक स्कैम हैं। पैसे मांग रहे थे 30000 रुपये धरोहर राशि (security money) के नाम पर , मेरे कुछ दोस्तों ने तो दे भी दिया। बाद में मेरे दोस्तों को बहुत दर्द हुआ। यह वाला काम नॉएडा सेक्टर 62 में भी बहुत होता था उस समय।

इधर जिन्दगी में तूफान कम थे क्या की पीछे से आवाज आने लगी बेटा शादी कब करोगे। इंसान अपनी जिंदगी अभी सही से जीना भी शुरु नहीं किया था कि शादी का रोना शुरु हो गया। मेरी कॉलेज की लड़कियों तो निकलते ही शादी कर ली जैसे वह केवल बी.टेक पूरा होना का ही इंतजार कर रही थी । अभी तक कुछ के बच्चे तो स्कूल भी जाने लगे हैं। एक तो फेसबुक भी कम नहीं है अगर कोई लड़का भूल कर ऑन-साईट चला गया हो तो और भी जीने नहीं देते… एक साथ 100 फोटो अपलोड करते हैं जब तक ऑन-साईट पर रहते हैं तब तक। उस चु को कौन समझाये की बेटा तेरे साथ वाला दोस्तों को दर्द होता हैं। अगर भूल से भी वर्मा जी ने देख लिया वह ऑन-साईट वाला फोटो जो फेसबुक यूनिवर्सिटी पर डाला हैं। तो बेटा जब आप रात को ऑफिस से थक कर घर आ रहे होते हो तभी आपके बाप का फ़ोन आएगा। उधर से आवाज़ आयेगी ” बेटा कैसे हो उसके बाद दूसरा शब्द आज वर्मा जी बता रहे थे की शर्मा जी लड़का अमेरिका गया हैं 40 लाख के पैकेज पर हैं”।चाहें वर्मा जी का लड़का एसएससी की तैयारी करते-करते कब चपरासी का फॉर्म भरने लगा उससे खुद ही मालूम नहीं चला।

कोड डिबग code debug (कंप्यूटर हार्डवेयर या सॉफ्टवेयर से त्रुटियों की पहचान और हटाने की प्रक्रिया)  कर-कर के  ऊंगलियाँ दर्द करने लगती है और मैनेजर कहता है कि यार तेरे कोड सही से चल नहीं रहा है ग्राहक(client) को कुंछ और ही ज़रूरत है । पूरा सप्ताह काम न आना और अन्तिम समय शुक्रवार को काम देना… विकेंड वीकेंड का मजा किरकिरा हो जाता हैं। शनिवार को तुम्हारे दोस्त हैंग आऊट कर रहे होंगे तब तुम अपना कोड डिबग कर रहे होते होगे। ऐसे में तुम्हारे पास जो गर्लफ्रेंड होगी लाजमी है  वह भी छोड़ कर भाग जायेगी

इसमें कोई शक नहीं की सैलरी पैकेज बी.टेक इंजिनियर्स की अच्छी  हैं कुछ साल अपना घिसाने के बाद सही हो जाती है बस एक बार   MNC चाहिए होता है। थोडी दुनिया आपकी स्मूथ हो जाती है। आप अपना कार ,2 BHK फ्लैट ले सकते हैं। 9 से 5 की जॉब रहेगी आपका कार्यालय समय लचीला भी हो सकता है ,मतलब आप जब चाहे  आ सकते है और जब चाहे जा सकते हैं बस आपको जो काम मिला हैं वह आपको पूरा करना हैं।  लेकिन इन सब के बीच में तुम अपने  टीम लीड और मैनेजर को मत भुलना ये तुम्हारे भगवान है याद रखना जितना इनका तुम लगा सको लगा लो। आप समझें ही गये होंगे । आप के पास तेल की अलग- अलग वैरायटी होनी चाहिए तभी फायदा होगा और साथ में मक्खन(Butter) हो तो और ज्यादा फायदा होगा। कारपोरेट आफिस में हमेशा एक चीज याद रखों काम करों ना करो लेकिन काम का जिक्र जरुर करों ।
बीटेक 4 साल का होता है। लड़के इंजिनियरिंग करने जाते हैं लेकिन इंजिनियरिंग छोड़कर सब कुछ कर लेते वरना ये केवल नान-आई आईटीयन्स के लिए नहीं हैं सेंटेंस खासकर प्राइवेट कॉलेज वालों के लिए हैं। आज तो हद हो गया एक मेरे कॉलेज का लड़का इलेक्ट्रानिक्स इंजिनियरिंग करके सा अपना क्लिनिक खोल लिया। डॉक्टर के डिग्री के साथ सच ही किसी ने कहा है कि इंजिनियरिंग करने के बाद से आप सब कुछ बन सकते हैं चोर, गैंगेस्टर, साइंटिस्ट , नेता, सरकारी नौकर लेकिन कोई डॉक्टर कैसे बन सकता है   है लेकिन दोस्त डॉक्टर भी बन गया है। बस  मेरा दिमाग यही कहता हैं की  कि आपरेशन थ्रियेटर में माइक्रोप्रोसेर सर्किट डिजाइन मत करने लगना वरना तुम्हारे सर्किट डिजाइऩ के चक्कर में मरीज अपनी जिंदगी से हाथ धो बैठेगा। और हा समाज के कुछ चुनिंदा नमूनों से कहना चाहता हूँ कि अगर कोई लड़का बीटेक किया है तो अपना लड़के से पूछो की बीटेक का दर्द क्या है जब कैम्पस प्लैसमैंट नही होता है।

तुम तो मेरा बॉप के समान मूँह उठाय़े बोल देते हो कि राय साहब आपने फालतू में बीटेक करने दिया लड़के को सरकारी नौकरी की तैयारी कराया होता तो आज आफिसर न सही तो तो क्लर्क बन ही जाता। और हा खासकर बैंक पीओ का ज्ञान पे वाले टाइप का लोग को भी बताना चाहता हूँ कि सुबह शाम बस किबोर्ड पर बिना दिमाग लगाए खट खट करने के लिए 4 साल, 8 सेंमेसटर , 42 विषय , 100 प्रोटोकाल और न जाने कितने आसाइमेंट बनाने के बाद जाकर इंजिनियर बना हूँ। एक सेमेस्टर समाप्त नहीं होता था कि कब सत्रीय परीक्षा (sessional exam)  आ जाते थे सेसेनल परीक्षा के बाद फिर दूसरा सेमेस्टर । 12 में साइंस लिया था तभी इंजिनियरिंग किया । जो लोग 12th में साइंस लेने की औकात नही रखता वह क्या जानेंगा इंजिनियिंग का दर्द।

इंजिनियरिंग करने के बाद से एक सपना होता है ब्रांड बने का। एक स्टार्टअप चल गया तो न जाने कितने लोग को रोजगार मिलेगा । कभी ये मत सोचना की पेटीम(Paytm),फ्लिपकार्ट(FlipKart),स्नैपडिल,HCL ने कितने लोगों को रोजगार दिया। तुम्हारे औकात ही नही है सोचने की तुम तो केवल मेरी बॉप और माँ के कान भर सकते हो। लेकिन तुम्हारे ऐसे नफरत को हम अपने हथियार बनाते हैं हमारे सपने को तुम तोड़  नहीं सकते शायद हम कुछ विजय शेखर शर्मा या सुंदर पिचई जैसे कर जाये। तुम्हारे परसेपशन बदल जाये हमारे बारे में। वैसे भी लड़किया दूर ही रहती है इंजिनियर्स से।

अगर चाहते हो जिंदगी में गर्लफ्रेंड हो तो बेटा कामर्स या ऑर्ट ले लो जिंदगी मस्त कटेगी न पास वाले चाचा ताने मारेंगे और ना बाप कहेंगे की बेटा तेरी पढाई में इतने लाख लगाये। किस्मत सही रही तो नेता बन गये फिर न जाने कितने लोग आगे पीछे।

लेकिन बीटेक में मजा तो आता है वह कालेज के दोस्त, रात भर मुर्गा खोजना की आज किसका मजा लिया जाये। सेमेस्टर परीक्षा समय पत्रक (semester exam time sheet) का आना आशीष प्रताप सिंह और फूल मोहम्मद का रातभर पढ़ना । शिवा का नीचे बैठकर पढ़ना की नींद न आ जाये फिर मेरे रुम में आकर मजाक करना ।प्रदीप का मशाला खाकर पूरी रात पढ़ना और 30 अलग-अलग लोगो से बोलना भाई जगा देना। कुंवर निखिल का वह घुंघराले बाल शायद आज भी वैसे ही होगा। लड़का अपने बालो पर बहुत मेहनत करता था लेकिन वह अपने आकर में आ जाते थे। अनीश राय का वह भौकाल मारना की मैं स्टेट लेवल प्लेयर हूँ । KNIT (Kamla Nehru Institute of Technology)सुल्तानपुर का वह त्वरण स्पोर्ट चैंपिंयनशिप में भाग लेना । बॉलीबॉल मैच में अनीश का बुरी तरह गेंद लगना मैच के दौरान अंकित तोमर के स्मैश द्वारा। निखिल के दोस्त का 200 मीटर लम्बा छक्का मारना। वर्ल्ड रिकॉर्ड मैं अगर झूठ भूलने के लिए बुलया जाये तो अनीश और कुंवर का कोई सानी नहीं था।सुनील यादव गाजीपुर का लड़का था। सही था बस चुपके से पढ़ कर लाइट बुझा देता था की कही मेरा रूम पार्टनर ना पढ़ ले।

आईटी वाले लड़कों को समय से खाने का इंतजार करना 8 बजे। और भी बहुत कुछ है वह दूसरे भाग में लिखूंगा अगर ये वाला वायरल हुआ तब .

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